याद तो तू करेगा पता है मुझे
आंसू बहा सकता है मेरे लिए
तो दिल भी अपना जलाएगा
रूठना मनाना सब याद तुझे आएगा
जब खुद से अलग मुझे पायेगा
तेरे सीने पर सर रख
धड़कनें जो मैं सुनती थी
उन धड़कनों में नाम बसा मेरा ही रह जाएगा
साँसे तेरी मै ही चुराऊगी
जिस दिन किसी और को अपनाउंगी
तेरी आँखों में नमी, दिल में पछतावा सदा के लिए छोड़ जाऊंगी
जिस दिन मैं जाउंगी तिनके की तरह तुझे बिखेर जाऊंगी
दिल तेरा मैं ही जलाऊंगी
हँसने से पहले तू सौ बार सोचेगा
मेरी आंखें नम छोड़ तू कैसे मुस्कुराएगा
दिल मेरा क्यों तोड़ा ये सवाल हर वक्त तेरे कानों में गूंजेगा
जैसे मीठी प्यार की बातें हर अँधेरे सरसरायी थी
धड़कनें जो मैं सुनती थी
उन धड़कनों में नाम बसा मेरा ही रह जाएगा
साँसे तेरी मै ही चुराऊगी
जिस दिन किसी और को अपनाउंगी
तेरी आँखों में नमी, दिल में पछतावा सदा के लिए छोड़ जाऊंगी
जिस दिन मैं जाउंगी तिनके की तरह तुझे बिखेर जाऊंगी
दिल तेरा मैं ही जलाऊंगी
हँसने से पहले तू सौ बार सोचेगा
मेरी आंखें नम छोड़ तू कैसे मुस्कुराएगा
दिल मेरा क्यों तोड़ा ये सवाल हर वक्त तेरे कानों में गूंजेगा
जैसे मीठी प्यार की बातें हर अँधेरे सरसरायी थी
उसी स्याह अंधेरे में सिमट कर रह जाएगा
क्यों गलत किया हर बार जरूर सोचेगा
क्यों गलत किया हर बार जरूर सोचेगा
बारिश के लिए आसमां तक नजर तू दौड़ाएगा
मोहब्बत की बूंदों में अब ना तू भीग पाएगा
जाउंगी मैं पर तुझे बंजर छोड़ जाऊंगी
जो तू मुझे छूना चाहेगा
तस्वीरों में कैद ही पाएगा
जो तू मुझे मिलना चाहेगा
जो तू मुझे मिलना चाहेगा
रास्तों में भटकता रह जायेगा
जब तू सोयेगा याद करेगा मुझे
जब उठेगा शक्ल देखना चाहेगा मेरी
जब हाथ पकड़ेगा किसी का तो याद आएगी मेरी हथेली
जैसे अपने हाथ पे हाथ रख अंगुलियां नापी थी मेरी
हर पल जो मेरे साथ गुजारे थे
चैन से जीने देंगे नहीं तुझे
जब दो शब्द अच्छे बोलेगा
तो रुस्वाइयाँ ही पाएगा
भरोसा जब किसी पे करना चाहेगा
धोखा तुझे तेरा याद आएगा
जब गीत कोई गुनगुनाएगा
गानों में भी सिर्फ मुझे ही पाएगा
इतनी जल्दी तो नहीं मुझे भूल पाएगा
उम्र लगायी है ताउम्र तड़प जाएगा
हर पड़ाव में मुझे ही पायेगा
इसी दर्द में तू ज़िन्दगी अपनी बिताएगा
जब अपने झूठे भ्रम से बाहर आएगा
अतीत को वर्तमान से बिछड़ता जरूर देख पायेगा
जब तू सोयेगा याद करेगा मुझे
जब उठेगा शक्ल देखना चाहेगा मेरी
जब हाथ पकड़ेगा किसी का तो याद आएगी मेरी हथेली
जैसे अपने हाथ पे हाथ रख अंगुलियां नापी थी मेरी
हर पल जो मेरे साथ गुजारे थे
चैन से जीने देंगे नहीं तुझे
जब दो शब्द अच्छे बोलेगा
तो रुस्वाइयाँ ही पाएगा
भरोसा जब किसी पे करना चाहेगा
धोखा तुझे तेरा याद आएगा
जब गीत कोई गुनगुनाएगा
गानों में भी सिर्फ मुझे ही पाएगा
इतनी जल्दी तो नहीं मुझे भूल पाएगा
उम्र लगायी है ताउम्र तड़प जाएगा
हर पड़ाव में मुझे ही पायेगा
इसी दर्द में तू ज़िन्दगी अपनी बिताएगा
जब अपने झूठे भ्रम से बाहर आएगा
अतीत को वर्तमान से बिछड़ता जरूर देख पायेगा
जाउंगी मैं पर रूह तेरी चुरा ले जाऊंगी
भीगी पलकों में रुकसत कर जाऊंगी ....
- nilisha_wanderer💔
No comments:
Post a Comment
comment and like